
एक आईवीएफ लैब में किस प्रकार का पेन मार्कर का उपयोग करना चाहिए।
यहां कुछ प्रमुख गुण और विशेषताएं दी गई हैं जो IVF लैब में उपयोग होने वाले पेन मार्कर के लिए आवश्यक होती हैं:
नॉन-टॉक्सिक इंक:
- IVF प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाने वाले पेन मार्कर की इंक नॉन-टॉक्सिक होनी चाहिए ताकि सैंपल्स या एम्ब्रायो पर इसका कोई हानिकारक प्रभाव न हो।
स्मज-प्रूफ:
वॉटरप्रूफ:
- IVF प्रक्रियाओं में मार्कर की इंक वॉटरप्रूफ होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर लिखावट धुंधली न हो या मिट न जाए।
क्रायोजेनिक-सुरक्षित:
- कुछ IVF प्रक्रियाओं में सैंपल्स को बहुत कम तापमान पर स्टोर किया जाता है। इसलिए, मार्कर की इंक क्रायोजेनिक तापमान को सहन करने में सक्षम होनी चाहिए।
फाइन टिप:
- पेन मार्कर की टिप फाइन होनी चाहिए ताकि छोटे कंटेनरों, ट्यूबों, और स्लाइड्स पर स्पष्ट और सटीक लिखावट की जा सके।
रंग विकल्प:
- विभिन्न सैंपल्स और कंटेनरों को अलग-अलग रंगों से मार्क करने के लिए पेन मार्कर में विभिन्न रंगों का विकल्प होना चाहिए।
कम धुंआ (लो ओडर):
- मार्कर की इंक में कम धुंआ (लो ओडर) होना चाहिए
कुछ विशेष ब्रांड और मार्कर हैं जो IVF लैब्स में आमतौर पर उपयोग किए जाते हैं:
- VWR Lab Markers
- Fisherbrand™ Cryogenic Storage Vials and Markers
- Thermo Scientific™ Nalgene™ Cryogenic Markers
इन मार्करों का उपयोग IVF लैब्स में सुरक्षित, सटीक और स्थायी मार्किंग के लिए किया जाता है, जिससे सैंपल्स की पहचान और ट्रैकिंग में कोई गलती न हो