IVF की भूमिका:

यदि ऊपर बताई गई प्रक्रियाएं 6-12 महीनों तक काम नहीं करतीं या महिला की उम्र ज्यादा हो (जैसे 35+), या कोई गंभीर बांझपन का कारण (जैसे ट्यूबल ब्लॉकेज, अंडाशय की खराबी, या गंभीर पुरुष बांझपन) हो, तो फिर IVF की सिफारिश की जाती है।

IVF प्रक्रिया:

IVF में अंडाणु (Egg) और शुक्राणु को लैब में मिलाकर भ्रूण (Embryo) बनाया जाता है और फिर उसे महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। यह एक अधिक जटिल और महंगी प्रक्रिया है, इसलिए इसे अंतिम विकल्प के रूप में तब उपयोग किया जाता है जब अन्य सरल तरीके विफल होते हैं।

इस तरह, IVF बांझपन के लिए शुरुआती उपचार नहीं होता है, बल्कि यह एक उन्नत उपचार विकल्प होता है, जो तब इस्तेमाल किया जाता है जब अन्य उपचारों से सफलता नहीं मिलती।

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