IVF (In Vitro Fertilization) में “first line of treatment” का मतलब उस प्रारंभिक उपचार से है, जो दंपति को उनकी बांझपन (infertility) समस्या के लिए सबसे पहले दिया जाता है। आम तौर पर, IVF से पहले कई अन्य कम जटिल और कम लागत वाली प्रक्रियाओं का प्रयास किया जाता है। IVF का उपयोग तब किया जाता है जब अन्य तरीकों से सफलता नहीं मिलती या समस्या जटिल होती हैं।

IVF से पहले आमतौर पर उपयोग की जाने वाली पहली लाइन की उपचार विधियां:

  1. ओव्यूलेशन इंडक्शन (Ovulation Induction):

महिलाओं के लिए, सबसे पहले ओव्यूलेशन इंडक्शन या फॉलिकल स्टिम्युलेशन दवाओं का उपयोग किया जाता है, खासकर तब जब ओव्यूलेशन की समस्या हो।

इसमें क्लोमीफीन सिट्रेट (Clomiphene Citrate) या गोनाडोट्रोपिन्स जैसी दवाएं दी जाती हैं, जो ओव्यूलेशन को ट्रिगर करने और मल्टीपल एग्स विकसित करने में मदद करती हैं।

  1. टाइम्ड इंटरकोर्स (Timed Intercourse):

जब ओव्यूलेशन इंडक्शन किया जाता है, तो डॉक्टर ओव्यूलेशन की सही समय पर निगरानी करते हैं और युगल को सेक्स करने के लिए सही समय बताते हैं। इसे टाइम्ड इंटरकोर्स कहा जाता है।

यह तकनीक उन जोड़ों के लिए उपयोगी होती है, जिनकी ओव्यूलेशन में समस्या होती है, लेकिन अन्य कोई बड़ी चिकित्सा जटिलताएं नहीं होतीं।

  1. इन्ट्रा-यूटेरिन इन्सेमिनेशन (IUI):

यदि टाइम्ड इंटरकोर्स और ओव्यूलेशन इंडक्शन से सफलता नहीं मिलती, तो IUI (Intrauterine Insemination) किया जाता है।

इसमें पुरुष के शुक्राणु (sperm) को संसाधित करके महिला के गर्भाशय में सीधे इंजेक्ट किया जाता है, ताकि शुक्राणु और एग को मिलने में आसानी हो। इसे आमतौर पर तब किया जाता है, जब शुक्राणु की संख्या कम होती है या सर्वाइकल म्यूकस से संबंधित समस्या होती है।

  1. हार्मोनल थेरापी:

कुछ मामलों में, यदि हार्मोनल असंतुलन पाया जाता है, तो डॉक्टर हार्मोनल दवाओं का इस्तेमाल करके ओव्यूलेशन या शुक्राणु उत्पादन को बढ़ावा देते हैं।

  1. जीवनशैली में बदलाव:

कुछ मामलों में, दंपति को धूम्रपान छोड़ने, शराब कम करने, वजन घटाने, और पोषण में सुधार करने की सलाह दी जाती है। ये उपाय कभी-कभी गर्भधारण के अवसर को बढ़ा सकते हैं।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required

X